लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार ताइवान की कंपनियों के साथ तकनीकी साझेदारी बढ़ाने और मजबूत औद्योगिक तंत्र विकसित करने पर काम कर रही है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में फॉक्सकॉन-एचसीएल की 3,706 करोड़ रुपये की परियोजना के साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र की नींव तैयार हो चुकी है। अब ताइवान की दूसरी कंपनियों को भी उत्तर प्रदेश में लाने की कोशिश की जा रही है।
इस पहल से लखनऊ में चिप डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, कौशल प्रशिक्षण और नए स्टार्टअप के लिए बड़े अवसर बनने की उम्मीद है। वहीं, यीडा क्षेत्र को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है।
ताइवान पहुंचा यूपी का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल
प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल में ताइवान का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सेमीकान ताइवान 2026 में हिस्सा लिया। इस दौरान ताइवान की प्रमुख कंपनियों के साथ सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर, डेटा सेंटर, अनुसंधान एवं विकास और तकनीकी सहयोग को लेकर चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश में ताइवान से जुड़ी सबसे अहम परियोजनाओं में एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन की संयुक्त परियोजना शामिल है। करीब 3,706 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना यीडा क्षेत्र में स्थापित की जा रही है।
हर महीने 20 हजार वेफर्स और 3.6 करोड़ चिप्स बनाने की क्षमता
इस परियोजना के तहत ओएसएटी सुविधा विकसित की जा रही है। प्रस्तावित संयंत्र में हर महीने करीब 20 हजार वेफर्स और 3.6 करोड़ चिप्स तैयार करने की क्षमता होगी। यहां स्मार्टफोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट तैयार किए जाएंगे।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार कर रही है। सरकार अब इसी आधार पर ताइवान की अन्य कंपनियों और उनके औद्योगिक साझेदारों को भी प्रदेश में लाने की कोशिश कर रही है।
यीडा में ताइवानी कंपनियों के लिए तैयार होगा बड़ा औद्योगिक क्लस्टर
प्रदेश के लिए प्रस्तावित ताइवान इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चर एसोसिएशन टेक्नोलॉजी पार्क को भी अहम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य ताइवान की कंपनियों और उनके आपूर्तिकर्ताओं को एक ही क्षेत्र में लाकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर से जुड़ा मजबूत औद्योगिक क्लस्टर तैयार करना है।
योजना के तहत बड़ी कंपनियों के साथ उनके कंपोनेंट निर्माता, उपकरण निर्माता और आपूर्तिकर्ताओं को भी प्रदेश में लाने की कोशिश है। इससे सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ा पूरा नेटवर्क उत्तर प्रदेश में विकसित किया जा सकेगा।
लखनऊ में चिप निर्माण नहीं, डिजाइन और अनुसंधान पर रहेगा जोर
लखनऊ की भूमिका सेमीकंडक्टर निर्माण से अलग रखे जाने की तैयारी है। इंटरनेशनल कंफडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज के यूपी चेयरमैन हसन याकूब के मुताबिक, ताइवान उत्तर प्रदेश के लिए निवेश के साथ तकनीकी साझेदारी का भी बड़ा माध्यम बन सकता है।
उनके मुताबिक, फॉक्सकॉन की परियोजना महत्वपूर्ण शुरुआत है, लेकिन ताइवान के व्यापक आपूर्तिकर्ता और तकनीकी तंत्र को उत्तर प्रदेश में लाना इससे बड़ा अवसर है। लखनऊ को चिप डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास, कौशल प्रशिक्षण और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
